बुधवार, 29 जून 2022

Shayri 110



इतने ग़म नहीं है, ज़माने में,
जितने हम छोड़ आते है पैमाने में,
यक़ी न हो तो, चले आना कभी,
हजारो ग़म सजा के रखे हुए,
आज भी हमने तहखाने में!!

Best Wishes
Naval Kishore

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

Featured Post

Shayri 161

तुझमे वो आग है !! कुछ अलग कर दिखाने की, तुझमे जो बात है, मत डर किसी से, तुझमे वो आग है!! हर बार एक नई कोशिश करके, मुश्किलों से आगे बढ़ने की, ...